पहले तो हर मौत पर बवाल था
छोटी बड़ी सरकारों से सवाल था
कोरोना पर जो हंगामा बरपा था
वो सब मीडिया का ही कमाल था
300 वाले सब चुपके से चुप है
लाखों पे भी अब नहीं कोई दुख है
अब ये समाज कुछ भी न समझेगा
सभ्यता सारी अब असभ्य सचमुच है
जांच पड़ताल पर हड़ताल है
सब स्याह सियासत कमाल है !!
प्रजातन्त्र जनमानस के मन में
गणतंत्र की मीडिया दलाल है !!
सोशल मीडिया के कलमकारों
तुम बताओ तुम्हारा क्या हाल है !!
सोचो जरा ये, मेरी खामोशी पर
तुम्हारी वाल पे कितना बवाल है !!
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तनवीर आलम